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Tuesday, 23 June 2015

याद आता है








संग यारो के अमरूद चुराना, याद आता है                                  
बारिश में साईकिल चलाना, याद आता है
खो तो गये है इस नयी जिन्दगी मे पर
क्या खूब था गुजरा जमाना, याद आता है
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क्या खूब था गुजरा जमाना, याद आता है


क्लास मे वो देर से आना, याद आता है
वो पीछे से सीटी बजाना , याद आता है
यारो की शरारत और फिर वो कयामत
टीचर का चश्मा छिपाना, याद आता है
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क्या खूब था गुजरा जमाना, याद आता है

कैन्टीन मे लैक्चर भुलाना, याद आता है
समोसे तीन-तीन मंगाना, याद आता है
वक्त ने भुलाये गीत तो सारे ही , मगर
माह्तम का टेबल बजाना, याद आता है
..................
क्या खूब था गुजरा जमाना, याद आता है

नोट्स की फोटो कराना, याद आता है
साथ पढना और पढाना, याद आता है
क्या मजा, क्या डर परिक्षा का भी था
डर मे ही सिनेमा हो आना, याद आता है
..................
क्या खूब था गुजरा जमाना, याद आता है



 जितेन्द्र तायल
मोब. 9456590120

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